शिवगंज में स्थापना के समय से है चमत्कारी प्रथम देवता गजानंद मंदिर

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शिवगंज के सिद्धि विनायक 

शिवगंज। शहर के मुख्य बाजार स्थित गोल्ड बिल्डिंग के पास स्थित शहर का सिद्धि विनायक मंदिर। संतों की तपोस्थली। कहते हैं जहां गजानन मंदिर है, वहां ब्रिटिशकाल में खाली भूमि थी। साधु संत धूणी लगाते थे। ब्रिटिश शासन जोधपुर रीजन के तत्कालीन कमांडेंट कैप्टन डाउनिंग ने उन्हें हटाने अपने सैनिक भेजे। वे नहीं हटे तो नाराज कैप्टन डाउनिंग स्वयं सैनिकों के साथ पहुंचा। धूणी हटाने के निर्देश दिए। मुख्य संत जो धूणी के पास तपस्या कर रहे थे ने क्रोधित होकर जमीन पर ऐसी थाप मारी कि धूणी में स्वयं ज्वाला धधक उठी। यह देख कैप्टन डाउनिंग उल्टे पांव लौट गया।

श्री गजानंदजी मन्दिर.1854 में शिवगंज की स्थापना हुई तो उसी जगह सिद्धि विनायक की पूजा अर्चना कर गजानन मंदिर बनाया गया। मंदिर में गजानन की मूर्ति चार हाथों वाली हैं, इसमें उनके एक हाथ में फरसा व दूसरे में अंकुन, तीसरे में माला व चौथे हाथ में लड्डू है। मंदिर की पूर्व दिशा में शनेश्वर मंदिर व दक्षिण दिशा में हनुमान मंदिर है। पुजारी दीपक दवे ने बताया चमत्कारिक गजानंद मंदिर की स्थापना के बाद 1969 व 2018 में दो बार मंदिर जीर्णोद्धार हुआ है। इसके पहले छोटा मंदिर था।

 

गणेश चतुर्थी पर सर्व समाज निकालता है शोभायात्रा

गजानंद मंदिर की व्यवस्थाएं श्री गजानंद सनातन धर्म मंदिर समिति शिवगंज संभाल रही है। समिति सदस्य के रवि शर्मा ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर मंदिर समिति की ओर से शहर में शोभायात्रा निकाली जाती है, इसमें 36 कौम के लोग भाग लेते हैं। इसके अलावा भजन संध्या, पालकी, झाकियां समेत विभिन्न धार्मिक आयोजन होते हैं।

Awaaz 24
Author: Awaaz 24

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